*एसडीओ बन कार्तिकेय त्रिपाठी ने बढ़ाया जिले का मान ,बिजली अफसर बना गांव का बेटा,घर-घर बटी मिठाइयां —*

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एसडीओ बन कार्तिकेय त्रिपाठी ने बढ़ाया जिले का मान ,बिजली अफसर बना गांव का बेटा,घर-घर बटी मिठाइयां ———— शिकारपुर, महराजगंज: यह कहावत अटल एवं अक्षरशः सत्य है कि कठिन परिश्रम ,निष्ठा एवं लगन से किया गया कोई भी कार्य कभी बेकार नहीं जाता है।यदि हौसले बुलंद हों तो मंजिलें कभी भी कठिन नहीं होती। सफलता इस बात की द्योतक है कि मेधावी द्वारा सच्चे मन से प्रयास किया गया है।यह कहावतें सदर तहसील के घुघली विकास खंड अंतर्गत लक्ष्मीपुर शिवाला निवासी कार्तिकेय कुमार त्रिपाठी पर बिल्कुल सही साबित हुईं हैं जिन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी दुर्गापुर से बीटेक कोर्स कर विद्युत विभाग में एस डीओ /असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया है। छोटे से गांव के इस बेटे के बिजली अफसर बनने पर पैतृक गांव में खुशियों का माहौल है तथा स्वजनों ने घर-घर मिठाइयां बांटी हैं। परतावल विकास खंड से एडीओ आइएसबी के पद से सेवानिवृत्त पिता उमेशचंद त्रिपाठी अपनी गृहिणी धर्मपत्नी विमला त्रिपाठी के साथ जहां गांव पर रहकर खेती कराते हैं । वहीं दोनो बड़ी बहनें डॉ0 रंजना त्रिपाठी असिस्टेंट प्रोफेसर (संस्कृत)डी एस एन पीजी कॉलेज उन्नाव तथा डॉ0 तृप्ति त्रिपाठी असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (भूगोल) एल बी एस एस पीजी कॉलेज आनंदनगर में सेवारत हैं। शुरू से ही मेधावी छात्र रहे कार्तिकेय त्रिपाठी की प्राथमिक शिक्षा श्री शिवजपत सिंह जनता शिशु सदन भिटौली से पूरी हुई।हाईस्कूल की पढ़ाई पंडित दीनदयाल हायर सेकेंडरी स्कूल महराजगंज से पूरी किए।गोरखपुर के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज से इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद ये इंजीनियरिंग की अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर भारत सरकार की संस्था नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी दुर्गापुर(पश्चिमी बंगाल) से बीटेक किया । दुर्गापुर से कैंपस प्लेसमेंट के जरिए इनका चयन ” उत्तम गल्वा मेटालिक्स लिमिटेड, वर्धा,नागपुर महाराष्ट्र”में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर हुआ। जॉब करने के दौरान समुचित तैयारी न होने के कारण पिछले वर्ष जॉब को छोड़ पूर्णकालिक तैयारी में जुट गए। मेहनत रंग लाई और कुछ ही माह बाद बीते अगस्त माह में इनका चयन पश्चिमी बंगाल के राज्य विद्युत वितरण निगम में एस डी ओ /असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर हो गया था परंतु कोविड-19 के कारण बुलावा पत्र देर से आया।बीते दिनों अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ये खुशियां साझा किए हैं।

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