*कुशीनगर। महंथी के लिए बाल ब्रह्मचारी व गृहस्थ जीवन जी रहे संत में फंसा पेंच, मामला पहुंचा कोर्ट* *रिपोर्ट – कैलाश सिंह*

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कुशीनगर। महंथी के लिए बाल ब्रह्मचारी व गृहस्थ जीवन जी रहे संत में फंसा पेंच, मामला पहुंचा कोर्ट

कुशीनगर। जिले के हाटा तहसील क्षेत्र अंतर्गत मथौली बाजार स्थिति राम जानकी मंदिर के लिए गुरुवार को सर्व सम्मति से महन्थ की नियुक्ति सुनिश्चित करना था लेकिन मामला तब बिगड़ गया जब महन्थ के लिए दो दावेदार खड़ा हो गए। इसकी जानकारी होने पर मौके से तहसीलदार हाटा, थानाध्यक्ष कप्तानगंज भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। दोनों पक्ष को समझाया गया लेकिन कोई नतीजा नही निकलने पर तहसीलदार ने उक्त मामले को एसडीएम कोर्ट के आदेश तक अग्रिम रोक लगा दिया है तब तक मंदिर पर रिसीवर तैनात कर दिया गया है।

बतादें कि मथौली बाजार स्थिति प्राचीन राम जानकी मंदिर (मठ) के महन्थ हरिदास पिछले एक माह पूर्व ब्रह्मलीन हो गए थे थे जिसके बाद महन्थ का चुनाव होना था। गुरुवार को उक्त मंदिर पर महन्थ का चुनाव होना शुरू हुआ लेकिन दो दाबेदारो की होने से मामला बिगड़ गया। गांव के संभ्रात लोगों का कहना है कि उक्त मठ पर गांव के ही शिया राम दस पिछले 10 सालों से मठ का देख भाल करते आ रहे है जो बाल ब्रह्मचारी है इनके अलावा बिहार के निवासी शंभुदास पिछले 6 महीने से उक्त मठ पर रह रहे है जो शादी सुदा है गृहस्थ जीवन जी रहे है। ऐसी स्थिति में शंभुदास को महन्थ बनान ठीक नही है। महन्थ हरिदास ने मरने से पहले बिहार निवासी शंभुदास को मठ का उत्तराधिकारी लिखित रूप से बना दिये थे लेकिन गांव के लोग इनको मानने से इनकार कर रहे है और शियाराम दास को मठ महन्थ बनाना चाहते है। दोनों पक्ष में विवाद न हो जाये इसके लिए तहसीलदार हाटा योगेंद्र कुमार पांडेय, थानाध्यक्ष कप्तानगंज गोपाल पांडेय भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे गए। इसी दौरान अयोध्या से दिगम्बर अखाड़ा के अध्यक्ष सुरेश दास अपने संत साधुओं के साथ पहुंचे और मंदिर के बारे में आवश्यक जानकारी लिए। प्रशाशन, गांव के संभ्रांत लोग व मठ के कर्मचारियों के साथ घंटो चर्चा हुई लेकिन नतीजा शून्य निकला और मामला एसडीएम कोर्ट में पहुंच गया।

बतादें कि इसके पूर्व उक्त मंदिर पर महन्थ के लिए वंशीदास ने अपने चेले भानुदास को लिखित रूप से मंदिर का महन्थ बना दिया था जिसके बाद गांव के लोगों के द्वारा आपत्ति किया गया और मामला कोर्ट में पहुंचा था। कोर्ट के आदेश के बाद ही भानुदास के जगह हरिदास को महन्थ बनाया गया था।

उक्त के सम्बंध में तहसीलदार हाटा योगेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि उक्त मंदिर पर मरने से पहले महन्थ हरिदास द्वारा अपने चेले शंभुदास को लिखित रूप में महन्थ बनाये थे लिए लेकिन गांव के लोगों का आरोप था कि शंभुदास शादी सुदा है जिनका परिवार बिहार में है। ऐसे में इनको महन्थ बनाना ठीक नही है। महन्थ के लिए शियाराम दास भी दावेदार है है जिनको गांव के लोग महन्थ बनाना चाहते है। अब एसडीएम कोर्ट के आदेश पर ही अगली कार्यवाई की जायेगी तब तक मंदिर का लेख जोखा रखने के लिए रिसीवर तैनाती की जाएगी तथा दोनों लोगों को बारी बारी से पूजा पाठ करने का निर्देश दिया गया है।

इस दौरान प्रधान प्रतिनिधि राकेश उर्फ भोला यादव, अयोध्या से पहुंचे दिगम्बर अखाड़ा के अध्यक्ष सुरेश दास, लेखपाल अमित कन्नौजिया, मनीष केजरीवाल, प्रिंस जायसवाल सहित तमाम साधु संत उपस्थित रहे।

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