*गोरखपुर में फोर लेन निर्माण में बाधा बना रेलवे, सोमवार से होगी पैमाइश—————-*

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गोरखपुर में फोर लेन निर्माण में बाधा बना रेलवे, सोमवार से होगी पैमाइश—————————
दरअसल मोहद्दीपुर से जंगलकौडिय़ा के बीच बन रहे करीब 18 किमी लंबे फोर लेन में 4 किमी क्षेत्र में पूर्वोत्तर रेलवे की भूमि भी पड़ रही है। मोहद्दीपुर से गोरखनाथपुल तक तो एक पटरी पर रेलवे की ही भूमि है।

गोरखपुर,मोहद्दीपुर-जंगल कौडिय़ा फोर लेन के निर्माण में आ रही अड़चन को दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और नेशनल हाइवे ने रेलवे के सहयोग से सड़क की फिर से पैमाइश कराने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने पैमाइश के लिए टीम भी गठित कर दी है। जिसमें उप जिलाधिकारी सदर, कार्य अधीक्षक लोक निर्माण विभाग, अपर नगर आयुक्त और रेलवे प्रशासन का नामित एक अधिकारी शामिल हैं। सोमवार से पैमाइश शुरू हो जाएगी। टीम को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट भी दे देनी है।

फोरलेन निर्माण में बाध बन रही रेलवे की भूमि दरअसल, मोहद्दीपुर से जंगलकौडिय़ा के बीच बन रहे करीब 18 किमी लंबे फोर लेन में 4 किमी क्षेत्र में पूर्वोत्तर रेलवे की भूमि भी पड़ रही है। मोहद्दीपुर से गोरखनाथपुल तक तो एक पटरी पर रेलवे की ही भूमि है। धर्मशाला से गोरखनाथपुल तक करीब 8 हजार वर्ग मीटर भूमि रेलवे की ही है। नियम है कि रेलवे की भूमि पर सड़क या अन्य कोई निर्माण कराने से पहले औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ता है। रेलवे प्रशासन पहले भूमि को कम से कम 35 साल के लीज पर देता है, उसके बाद ही निर्माण कार्य की इजाजत मिलती है। लेकिन रेलवे प्रशासन से बिना इजाजत के ही मोहद्दीपुर से जंगलकौडिय़ा के बीच फोरलेन के निर्माण शुरू हो गया। ऐसे में रेलवे प्रशासन ने आपत्ति जता दी और नियमानुसार कार्य कराने के लिए जिला प्रशासन और नेशनल हाइवे को पत्र लिखा।
सीएम ने समाधान करने का दिया निर्देश
पूर्वोत्तर रेलवे के उप मुख्य इंजीनियर (गोरखपुर क्षेत्र) रविन्दर मेहरा ने 19 दिसंबर को पत्र लिखकर जिला प्रशासन और नेशनल हाइवे से अनुरोध किया कि वे रेलवे बोर्ड के जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में ही निर्माण कार्य कराएं। सीनियर सेक्शन इंजीनियर के हस्तक्षेप के बाद भी निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू है। 21 दिसंबर को आयोजित समीक्षा बैठक में यह प्रकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में भी आ गया। बैठक के दौरान ही उन्होंने जिला प्रशासन, नेशनल हाइवे और रेलवे के संबंधित इंजीनियरों को आपस में समन्वय बनाकर हल निकालने के लिए निर्देशित किया। फिलहाल, जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने पैमाइश के साथ प्रकरण के यथाशीघ्र निस्तारण को लेकर रेलवे के उप मुख्य इंजीनियर (गोरखपुर क्षेत्र) को पत्र लिखा है।

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