*गोरखपुर में 43 दागियों का असलहा लाइसेंस होगा निरस्त*

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गोरखपुर में 43 दागियों का असलहा लाइसेंस होगा निरस्त

मुकदमे में दागियों के असलहा लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी है। पुलिस ने प्रशासन को ऐसे 43 लोगों के नाम भेज दिए हैं जिन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वे शस्त्र लाइसेंस लेकर घूम रहे हैं। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि जिन पर मुकदमा दर्ज है उनके लाइसेंस निरस्त कराने के लिए जिला प्रशासन को सूची भेजी गई है।

जानकारी के मुताबिक, आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के बाद असलहे का लाइसेंस नहीं मिल सकता है, फिर भी रसूख या फिर पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर जिले में कईयों ने लाइसेंस हासिल कर लिया। इसके अलावा वे लोग भी हैं जिनके पास असलहा लाइसेंस तो है लेकिन बाद में किसी न किसी मुकदमे में उनका नाम सामने आया। कुछ में तो लाइसेंसी असलहे के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है। एसएसपी ने सभी थानेदारों से ऐसे उन सभी लोगों की सूची तैयार करने के लिए कहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ऐसे करीब 47 ऐसे दागियों के नाम सामने आए। अब इन सभी के लाइसेंस निरस्त करने के लिए इनकी रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दी गई है।
बदमाशों के सगे-संबंधियों के लाइसेंस की भी जांच-
पंचायत चुनाव को देखते हुए अब पुलिस ने बदमाशों के सगे-संबंधियों के लाइसेंसों की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच में कुछ ऐसे अपराधियों के नाम भी सामने आए हैं जिन्होंने खुद के नाम पर लाइसेंस न मिलने पर अपने सगे-संबंधियों के नाम पर लाइसेंस दिला दिया है और उन्हें अपने साथ रखते हैं। यही नहीं मुकदमें में शामिल कुछ दागियों ने असलहा का शौक पुरा करने के लिए अपनी पत्नियों के नाम से लाइसेंस असलहे लिए हैं। पंचायत चुनाव को देखते हुए इन असलहों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अगर इन असलहों को अपराधी पति या रिश्तेदार इस्तेमाल करते मिल गए तो उनको भी निरस्त करने की तैयारी है यही नहीं इनकी सूची तैयार कर पुलिस इसे चुनाव में सबसे पहले जमा कराने की भी तैयारी कर रही है।
मृतक के नाम के लाइसेंस पर भी है नजर-
दरअसल पुलिस और प्रशासन को इस बार मृतक के नाम पर दर्ज असलहा लाइसेंस पर भी नजर है। हाल यह है कि लाइसेंसी तो मृत घोषित हो चुका है पर असलहा लाइसेंस अभी जिंदा है। ऐसे में उस लाइसेंस का दुरुपयोग न हो इस पर पुलिस और प्रशासन की नजर है। माना जा रहा है कि इस तरह के सैकड़ों लाइसेंस हैं। ज्यादातर तो जमा हैं पर पर कुछ अभी भी घरों में कैद हैं। पंचायत चुनाव में उनके दुरुपयोग की संभवना ज्यादा है।
पुलिस की जांच में 43 ऐसे लाइसेंसी मिले हैं जिनके ऊपर मुकदमा दर्ज है और उनके पास लाइसेंसी असलहा है। इसकी सूची डीएम के यहां भेज दी गई। जिसमें से 41 के लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है जबकि दो अन्य लाइसेंस दूसरे जिलों से हैं उनके खिलाफ उन जिलों को रिपोर्ट भेज दी गई है। उनकी भी निरस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है।

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