*घुघली, परतावल के बाद अब महराजगंज व मिठौरा में करोड़ों का घोटाला, प्रशासन मौन* *रिपोर्ट – कैलाश सिंह*

0
34

घुघली, परतावल के बाद अब महराजगंज व मिठौरा में करोड़ों का घोटाला, प्रशासन मौन
* घुघली व परतावल में पहले ही उजागर हो चुका है पौने दो करोड़ का मनरेगा घोटाला
* अगर जांच हो तो मनरेगा घोटाला के गिरफ्त में आ सकते हैं जनपद के प्रायः सभी ब्लाक।
* अगर जांच हुई तो परत दर परत खुलेगी घोटालेबाजों के राज
*सिर्फ घुघली व परतावल तक ही सीमित रही कार्रवाई अन्य ब्लाकों में मनरेगा घोटाले की जांच से मुंह मोड़े हुए है जिला प्रशासन।

घुघली, महराजगंज।
गरीब श्रमिकों को गारंटी के तहत रोजगार मुहैया कराने वाली पवित्र योजना को घोटालेबाजों ने अपवित्र और कलंकित कर दिया है। जनपद में मनरेगा योजना के तहत करोड़ों रुपए का घोटाला करने का सिलसिला अब थमने का नाम नहीं ले रहा। घुघली ब्लॉक में 93 लाख और परतावल ब्लॉक में 1.54 करोड़ रुपए का मनरेगा घोटाला उजागर होने के बाद अब महराजगंज और मिठौरा ब्लॉक व वित्तीय संस्थाओं में करोडों रुपए का जिले के विभागीय एक संगठित गिरोह द्वारा घोटाला करने का मामला प्रकाश में आया है। घोटालेबाजी करने का मास्टरमाइंड एपीओ विनय मौर्या व अमन ट्रेडिंग कंपनी का ठीकेदार दिनेश मौर्या बताए जाते हैं। विनय तो इस मामले में सलाखों के पीछे है, जब कि गिरफ्तारी के भय से वह फरार चल रहा है, सूत्रों के मुताबिक उसके नेपाल में छिपे होने की सूचना है। महराजगंज ब्लाक में एक करोड़ से अधिक का घोटाला प्रकाश में आया है। महराजगंज ब्लाक के बाँसपार बिजौली गांव में हरिश्चंद्र के खेत से रामानंद के खेत तक चकबंद निर्माण कार्य में फर्जी तरीके से सामग्री के तौर पर 10 लाख रुपये से अधिक की प्रथम श्रेणी की ईंट का भुगतान किया गया है, जब चकबंद कार्य में अगल- बगल के खेत से सिर्फ मिट्टी ही भरी जाती है। इसी तरह महराजगंज ब्लाक के रामपुर में सिसवा बार्डर से गौनरिया बार्डर तक चकबंद निर्माण कार्य मे 10 लाख रुपए मिट्टी ढुलाई के नाम पर भुगतान किया है, जब कि मनरेगा में मिट्टी ढुलाई करके चकबंद का निर्माण किया जाना पूर्णतः नियम विरुद्ध है। इसी ब्लाक के बागापार में बहेरवा टोला से बेलभरिया सिवान तक ड्रेन सफाई कार्य मे 20 लाख रुपये के प्रथम श्रेणी के ईंट के नाम पर भुगतान किया गया है।जब कि ड्रेन सफाई में ईंट का कहीं प्रयोग होता ही नही सिर्फ मिट्टी ही निकली जाती है। इसी तरह तरकुलवा में लाइन डिपार्टमेंट के तहत पोखरे की खुदाई कार्य में सीमेंट का कोई उपयोग नही होता है, फिर भी 20 लाख रुपये सीमेंट के नाम पर घोटालेबाजों द्वारा निकाल लिए गए। इसी तरह मिठौरा ब्लाक के ग्राम पंचायत बरगदही बसंतनाथ में विनय शंकर पांडेय के खेत से राजीव मद्धेशिया के खेत तक मिट्टी व खड़ंजा कार्य मे बोल्डर के मद में गलत तरीके दो लाख एक हजार रुपये निकाल कर हजम कर लिया गया। मिठौरा के गौनरिया में भी मनरेगा के जबरदस्त घोटाला किया गया है। घोटाले में शामिल मेसर्स अमन ट्रेडिंग कंपनी नामक जिस फर्म का इस्तेमाल घुघली और परतावल ब्लॉक में किया गया है, उसी फर्म का इस्तेमाल महराजगंज व मिठौरा ब्लॉक सहित लाइन डिपार्टमेंट में भी किया गया है। घोटाले के मास्टरमाइंड एपीओ विनय मौर्य और मेसर्स अमन ट्रेडिंग कंपनी के ठीकेदार दिनेश मौर्य ने वर्ष 2017-18, वर्ष 2018-19 के बंद पड़ी आई डी को स्टेट लॉगिंग लखनऊ से वितीय अनियमितता करने के लिए खुलवा कर गलत ढंग से दुबारा लाखों रुपये निकाल लिए। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बंद पड़ी आईडी को खुलवाने के लिए ठीकेदार दिनेश मौर्य ने स्टेट लैंगिग से जुड़े एक कर्मचारी को आईडी खोलने के लिए उसे मोटी रकम भी दिया था। घोटाला उजागर होने पर जिस प्रकार से तत्परता दिखाते हुए घुघली व परतावल के बीडीओ प्रवीण कुमार शुक्ल ने एपीओ विनय मौर्य, ठीकेदार दिनेश मौर्य आदि के विरुध्द मुकदमा दर्ज कराया। विनय और घोटाले से जुड़े एक अन्य कर्मचारी इस समय जेल में हैं, लेकिन ठीकेदार दिनेश सहित दो अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं। लेकिन ताज्जुब की बात है कि महराजगंज, मिठौरा एवम लाइन डिपार्टमेंट में भारी वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी घोटालेबाजों के विरुध्द कार्रवाई करने के बजाय आखिर मौन क्यों साधे हुए हैं? इतनी बड़ी मनरेगा घोटाला और प्रशासन की चुप्पी लोगों को समझ मे नही आ रही है। लोगों का कहना है कि जाँच और कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ घुघली और परतावल तक केंद्रित कर दिया गया। करोड़ो के सरकारी धन की लूट पर जिला प्रशासन की उदासीनता उनकी कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here