*पुरंदरपुर क्षेत्र के मदरहा ककटही टोला छोटी इटहिया निवासी स्वर्ण व्यवसायिक उमेश वर्मा हत्याकांड का पुलिस ने*

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पुरंदरपुर क्षेत्र के मदरहा ककटही टोला छोटी इटहिया निवासी स्वर्ण व्यवसायिक उमेश वर्मा हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफ़ाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपितों ने ही फोन कर स्वर्ण व्यवसायिक को बुलाया था। आभूषण लूटकर व्यवसायिक की हत्या कर दी थी।
शनिवार की शाम को उमेश वर्मा हत्याकांड का पर्दाफ़ाश करते हुए। महराजगंज एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि 15 नवंबर की सुबह उमेश वर्मा के मोबाइल फोन पर बृजमनगंज थाना क्षेत्र के गाँव कवलपुर निवासी बबलू उर्फ शेर बहादुर ने फोन कर आभूषण खरीदने के लिए बुलाया। दोनों पहले से परिचित भी थे। उमेश वर्मा घर से निकलने से पहले बबलू के मोबाइल नम्बर को डायरी में नोट कर पत्नी गीता वर्मा को दिया। कहा कि उसके मोबाइल की बैटरी खराब है। अगर डिस्चार्ज हो जाए तो इसी नम्बर पर फोन करके पता कर लेना। इसके बाद उमेश वर्मा बैग में करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के 33 ग्राम सोने व आधा किलों चांदी का जेवर रख साइकिल से रवाना हो गया। एसपी ने बताया कि बबलू अपने गांव के ही साथी शैलेन्द्र पुत्र हरि व कवलपुर निवासी उमेश पुत्र मोतीलाल के साथ आभूषण की डिलिवरी कराने के बहाने उमेश वर्मा को फरेंदा रेंज के जंगल के रास्ते ले जाने लगा। रास्ते में तीनों आरोपितों ने गला दबाकर स्वर्ण व्यावसायिक की हत्या कर दी। उसके बैग में रखा करीब डेढ़ लाख रुपये का सोने का लाकेट, मंगलसूत्र, नथुनी, चांदी का पायजेब, बिछुआ आदि जेवर लूट लिया। आरोपितों के पकड़े जाने पर उनकी निशानदेही पर स्वर्ण व्यावसायिक की लाश बरामद कर ली गई। लूटे गए करीब सभी जेवर के अलावा उमेश वर्मा का मोबाइल व साइकिल भी बरामद कर लिया गया है। तीनों आरोपितों के खिलाफ हत्या, लूट व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। हत्या के बाद नेपाल में छिपा था बबलू पुत्र सीताराम एसपी ने बताया कि फरेंदा रेंज के खुर्रमपुर नर्सरी के पास घने झाड़ी में तीनों आरेपितों ने मिलकर उमेश वर्मा की गला दबाकर हत्या कर दी। आभूषण लूट एक सर्राफा कारोबारी के पास बेच दिया। इसके बाद बबलू नेपाल के ककरहवा में स्थित अपने ससुराल में जाकर छिप गया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। सर्राफा कारोबारी के पास बेचे गए आभूषण को भी बरामद कर लिया। मुख्य आरोपित बबलू ने बताया कि उमेश वर्मा का तीन हजार रुपया उसके ऊपर कर्ज था। वह भी पैसा वह मांगने लगा। इसी बात को लेकर कहासुनी में उसकी हत्या हो गई। उसके पास से आभूषण भी लूट लिया गया। सर्विलांस के जरिए हत्याकांड के तह तक पहुंची एसओजी उमेश वर्मा के गायब होने के बाद उसकी पत्नी गीता वर्मा की तहरीर पर पुरंदरपुर पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। इस मामले एसपी के निर्देश पर एसओजी प्रभारी शशांक शेखर राय के नेतृत्व में सर्विलांस टीम के संजय सिंह, रामभरोसा यादव, धनंजय सिंह, अजय यादव व विनीत कुमार की टीम ने जांच शुरू की। उमेश वर्मा की पत्नी गीता वर्मा द्वारा उपलब्ध कराए मोबाइल नम्बर से जांच शुरू हुई। सीडीआर खंगाला गया। इसके बाद बबलू के अलावा शैलेन्द्र व उमेश का नाम सामने आया। इसके बाद पुरंदरपुर एसओ आशुतोष सिंह ने एसआई तुलसी राम यादव, हेड कांस्बिल श्रवण यादव, संतोष कुमार, शनिदेव के साथ गुरुवार को मोहनापुर चौराहे से तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। उमेश वर्मा हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपितों के खिलाफ हत्या, लूट समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। इस खुलासे में एसओजी टीम की भूमिका भी सराहनीय रही। लूटे गए। आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं। इस प्रकरण में पुरंदरपुर एसओ आशुतोष सिंह का कार्य सरहनीय रही।

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