*प्रदेश की उ0प्र0 किशोरी बालिका योजना, किशोरियों के लिए साबित हुआ है वरदान**

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प्रदेश की उ0प्र0 किशोरी बालिका योजना, किशोरियों के लिए
साबित हुआ है वरदान
गोरखपुर 11 दिसम्बर बाल्यावस्था तथा यौवन के बीच की अवस्था होने के कारण किशोरावस्था नारी के मानसिक, भावनात्मक तथा मनोवैज्ञानिक विकास की दृष्टि से अत्यन्त परिवर्तनशील होती है। इसीलिए किशोरावस्था नारी के जीवन की सर्वाधिक महत्वपूर्ण अवस्था मानी गई है। ऐसी स्थिति में मानव संसाधन विकास के उद्देश्य से चलाई जा रही विकासपरक योजनाओं, कार्यक्रमों में किशोरियों को स्थान देना जरूरी है। किशोरियों में आत्मविश्वास, उत्साह एवं आत्मगौरव की भावना में वृद्धि करने के उद्देश्य से उनके पौषाणिक, शैक्षिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार योजनाएं चलाकर उनका विकास कर रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा प्रदेश की गरीब परिवार की बालिकाएं, स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं के लिए ‘‘उ0प्र0 किशोरी बालिका योजना (एसएजी)’’ लागू की गई योजनान्तर्गत उन्हें जीवन कौशल, शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य शिक्षा, सामाजिक-कानूनी मुद्दों तथा मौजूदा सार्वजनिक सेवाओं के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक किया जा रहा है।
प्रदेश में समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजनान्तर्गत 06 माह से 06 वर्ष की आयु तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश के समस्त जिलों में कुल 897 परियोजनाओं के 167499 आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा 22290 मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। इन्ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से किशोरियों के सर्वांगीण विकास हेतु चलाये जा रहे कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा ‘‘उत्तर प्रदेश किशोरी बालिका योजना 2020’’ लागू कर उ0प्र0 की 05 लाख से अधिक किशोरी बालिकाओं के लक्ष्य के विपरीत अब तक 3.50 लाख किशोरिय��

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