*बीआरडी में बड़ी चूक:* *कोरोना का इलाज करा रहीं 83 वर्षीय वृद्ध महिला लापता,मचा हड़कंप*

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*बीआरडी में बड़ी चूक:*

*कोरोना का इलाज करा रहीं 83 वर्षीय वृद्ध महिला लापता,मचा हड़कंप*

*गोरखपुर।* बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमितों के इलाज में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। रविवार को मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती वृद्धा लापता हो गई। परिजन जब वृद्धा से मिलने पहुंचे तब मामले का खुलासा हुआ। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। उसके बाद से हड़कंप मच गया है। परिजनों का आरोप हैं कि डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही की वजह से संक्रमित वृद्धा गायब हुई है। पुलिस मामले की जांच में लगी है। देर रात तक संक्रमित वृद्धा का कहीं पता नहीं चल सका।

महराजगंज जिले की रहने वाली 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की बीते नौ अप्रैल को तबीयत खराब हुई। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां कोरोना जांच में संक्रमित मिली। उसी दिन महिला को मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड के बेड संख्या 46 पर भर्ती करा दिया गया। रविवार की दोपहर को परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वे महिला को फल देने गए थे। तब परिजनों को पता चला कि महिला बेड से गायब हैं। इसके बाद परिजन परेशान हो गए। संक्रमित मरीज के संदर्भ में वार्ड में तैनात स्टाफ भी जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद परिवार के सदस्य महिला की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। उसका कहीं पता नहीं चला।
*पुलिस से की शिकायत*

मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। मेडिकल कालेज चौकी इंचार्ज गौरव राय कन्नौजिया वार्ड में पहुंचे। मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो कर्मचारियों के सुर बदल गए। वे बार-बार बयान बदलने लगे। किसी कर्मचारी ने बताया कि महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया। किसी ने बताया कि वह एब्सकांड हो गई।

*आखिर किसने किया डिस्चार्ज*
परिजनों का कहना है कि जिस समय मरीज को भर्ती कराया गया था उस दौरान बताया गया था कि परिवार के सदस्य 14 दिन तक मरीज से नहीं मिल सकेंगे। उन्हें मरीज के बारे में फोन पर जानकारी दी जाएगी। ऐसा कुछ बीते दो दिन से नहीं हुआ। ऐसे में मरीज की तबीयत जानने के लिए ही फल लेकर पहुंचे थे। अब पुलिस मरीज को डिस्चार्ज करने वाले स्टाफ के बारे में डिटेल ले रही है।
दिल की मरीज हैं महिला
परिजनों ने बताया कि महिला लंबे समय से दिल की मरीज हैं। मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने हालत खराब होने पर उन्हें पीजीआई के लिए रेफर किया था। तबीयत खराब होने के बाद उनकी कोरोना जांच कराई गई थी। *पॉजिटिव आने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।*
डिस्चार्ज पेपर दिया न निगेटिव रिपोर्ट
परिजनों व पुलिस ने वार्ड के स्टाफ से डिस्चार्ज करने का पेपर व कोविड निगेटिव रिपोर्ट की मांग की। कर्मचारी दोनों ही देने से इनकार कर दिए। परिजनों ने बताया कि मरीज के पास एक भी रुपये नहीं है। घर पर भी बात की गई लेकिन वहां भी उनका पता नहीं चल रहा है।
इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं हैं। स्टाफ द्वारा परिजनों को मरीज के बारे में सूचना नहीं दी गई हैं तो यह गंभीर बात हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
संक्रमित वृद्धा के परिजनों ने शिकायत की है। इस मामले की जांच की जा रही है। महिला की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई हैं। साथ ही स्टाफ से पूछताछ की जा रही है।

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