*महाराजगंज: जिले के प्रमुख अधिवक्ता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय कुमार पांडेय की जनहित याचिका*

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महाराजगंज: जिले के प्रमुख अधिवक्ता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय कुमार पांडेय की जनहित याचिका (पीआईएल) पर फैसला देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 6 माह के भीतर यूपी के सभी थानो में सीसीटीवी कैमरे लगाने का महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस अति महत्वपूर्ण फैसले के बाद से बात करते हुए कहा कि यूपी के पुलिस थानो में मानवाधिकार का सबसे ज्यादा उल्लंघन होता है।

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पांडेय ने कहा कि दो साल पहले उन्हें इस बात की जानकारी मिली कि यूपी के थानो में मानवाधिकार उल्लंघन के अलावा पुलिस अभिरक्षा में भी सबसे ज्यादा मौत, रेप और उत्पीड़न होता है, जिससे वो काफी विचलित हो गये। इसके बाद उन्होंने थानों में होने वाले इस “जुल्म” को खत्म करने की ठान ली।

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पांडेय ने दो साल पहले विनय पांडेय वर्सेज यूपी डीजीपी एंड अदर्स के खिलाफ हाई कोर्ट में पीआईएल दाखिल की। जिसमें मावाधिकार आयोग को भी एक पक्ष बनाया गया था। इस पीआईएल में सारे आंकड़े भी पेश किये गये थे।

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उच्च न्यायालय ने इस जनहित याचिका को स्वीकार किया और दो साल बाद इस पर यह महत्वपूर्ण फैसला सिनाया। हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में राज्य के सभी थानो में 6 माह के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्णय दिये है। इसके लिये 6 मार्च तक का समय दिया गया है। यह फैसला हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी वी भोसले और न्यायमूर्ति एम के गुप्ता की खंडपीठ ने सुनया है। पांडेय ने उच्च न्यायालय का स्वागत करते हुये प्रसन्ता जतायी।

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