*यूपी मुख्यमंत्री की वर्चुअल समीक्षा में डीएम ने कोविड प्रबंधन की दी विस्तृत जानकारी – एंटी करप्शन midiya News*

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यूपी मुख्यमंत्री की वर्चुअल समीक्षा में डीएम ने कोविड प्रबंधन की दी विस्तृत जानकारी – एंटी करप्शन midiya News

*देवरिया (सू0वि0) 10 मई।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बी.आर.डी. मेडिकल कालेज में कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित गोरखपुर/बस्ती मण्डल की समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिये कि कोरोना संक्रमण को प्रत्येक दशा में नियंत्रित करने के लिए निगरानी समितियां/आर.आर.टी. की संख्या बढ़ाई जाये। उन्होंने कहा कि आक्सीजन की आडिट हर हाल में करायी जाये तथा यह सुनिश्चित हो कि इसका वेस्टेज न होने पाये। हास्पिटलों में आक्सीजन आडिट कराया जाना नितान्त आवश्यक है, कही भी आक्सीजन की काला बाजारी नही होनी चाहिए इसकी जांच की जाये और पकड़े जाने पर दोषी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के अलावा दोनों मण्डलों के अन्य जनपदों के जिलाधिकारियों से वर्चुअल बैठक कर जनपदवार कोविड-19 प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि निगरानी समितियों की संख्या 3 से 4 गुना तक बढ़ाई जाये। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधन उपलब्ध करा रही है। मेडिकल किट निगरानी समितियों के माध्यम से विस्तरित कराया जाये तथा उसका सत्यापन भी कराया जाये। मेडिकल किट की पर्याप्त दवा हर जनपद में उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस 108 का 75 प्रतिशत प्रयोग कोविड-19 में किया जाये और आर.आर.टी. को वाहन उपलब्ध कराये जाये। कोविड प्रबंधन कार्य में लापरवाही क्षम्य नही होगी, शत प्रतिशत कन्टेक्ट टेªसिंग करायी जाये। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मरीज को सुविधा दी जाये तो निश्चित वह आरोग्यता को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि रोग को छिपाया न जाये, अगर बीमारी है तो उसका उपचार आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एक-एक व्यक्ति का जीवन अमूल्य है और उसे हर हाल में बचाना है, लक्षणयुक्तध्संदिग्ध को तत्काल टेस्टिंग करते हुए रिपोर्ट पाजीटिव आने पर शीघ्र मेडिकल किट उसे उपलब्ध करा दिया जाये। उन्होंने कहा कि यदि कार्य प्रबंधन टीम भावना से किया जाये तो निश्चित रूप से शत प्रतिशत सफलता मिलेगी। उन्होंने कोरोना कफर््यु का कड़ाई से पालन कराया जाये और प्राइवेट अस्पताला/एम्बुलेन्स का रेट निर्धारित किया जाये यदि कही इनके द्वारा मनमानी रेट लिया जाता है तो उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जाये, हर जनपद में प्रतिदिन 24 घंटे के अन्दर पाजीटिव, रिकवरी, एक्टिव केस आदि की समीक्षा की जाये और होम आइसुलेशन के कोविड मरीजों के साथ संवाद स्थापित किये जाये और विधानसभावार होम आइसुलेट मरीजों की सूचीध्मोबाइल नम्बर सांसद, विधायक को भी उपलब्ध कराये जाये ताकि वे उनसे संवाद स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि हर कोविड हास्पिटल में मरीजों के संबंध में जानकारी उनके परिजनों की जरूर दी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्यान्न वितरण कार्य की निगरानी हेतु एक नोडल अधिकारी नामित करें, गेहूं क्रय केन्द्रों को सोशल डिस्टेंसिंग/कोविड प्रोटोकाल के तहत के साथ संचालित किया जाये तथा गोआश्रय स्थल पर चारे आदि की व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, सेनेटाइजेशन एवं फागिंग कार्य को एक अभियान के रूप में संचालित करने तथा इस कार्य हेतु नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह अभियान कोविड के साथ ही बरसात में इसंेफलाइटिस से बचाव में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेन्ट जोन मे सख्ती की जाये केवल मेडिकल, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फागिंग, डोर स्टेप डिलेवरी की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सावधानी/सतर्कता कोविड से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। उन्होंने बेड की संख्या बढ़ाने तथा शासन के नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन करने और पीकू को क्रियाशील रखने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर आक्सीजन की उपलब्धता, रेडमिसिविर इंजेक्शन, होम आइसुलेशन, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फागिंग आदि कार्यों की व्यवस्था/निगरानी संबंधी समितियां गठित की गयी है। इसी प्रकार जनपद स्तर पर भी समिति गठित कर उनके कार्य/दायित्व निर्धारित किय जाये। मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 अप्रैल तक प्रदेश में 3 लाख 10 हजार एक्टिव केस थे और आज 10 मई को 2 लाख 25 हजार एक्टिव केस है अर्थात 85 हजार एक्टिव केस कम हुआ है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने जनपद में कोविड प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि टेस्टिंग, कान्टेक्ट ट्रेसिंग, सेनेटाइजेशन, स्वच्छता, वैक्सीनेशन आदि कार्यों को तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में 01 मई से 09 मई तक 11282 एन्टीजेन टेस्ट, 14015 आर.टी.पी.सी.आर एवं ट्रूनाट 307 सहित 25604 सैम्पुलिंग करायी गयी है। इसके अतिरिक्त 1240 क्रियाशील निगरानी समितियां है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 1189 तथा शहरी क्षेत्र में 51 है। कोविड प्रबंधन हेतु 22 एम्बुलेन्स का प्रयोग किया जा रहा है। कोविड टीकाकरण के संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 155379 प्रथम डोज तथा 40531 द्वितीय डोज टीकाकरण का कवरेज किया गया है। जनपद में कुल 15847 पाजिटिव केस है, जिसमें से 12565 ठीक होने के उपरान्त डिस्चार्ज किये जा चुके है। 3135 कुल एक्टिव केस है। 438 कन्टेनमेण्ट जोन है, जिसमें 124426 जनसंख्या, 24890 घरों का कवरेज किया गया, जिसमें 74 लक्षणयुक्त पाये गये। एल-2 अस्पताल एमसीएच विंग में 250 बेड तथा निजी एल-2 अस्पताल में 95 बेड है। इसके अलावे परसिया चन्दौल एवं गौरी बाजार में 30-30 बेड के एल-2 अस्पताल विकसित करने की कार्यवाही चल रही है। आरआरटी की 70 टीमें लगी हैं। डोर-टू-डोर 322230 घरों आच्छादन किया गया, जिसमें से 4960 चिन्हित किये गये, इसमें से 2427 लक्षणात्मक पाये गये, जिसमें 31 पाजिटिव केस मिले। 01 अप्रैल से 9 मई तक 98776 लोगो का कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया गया।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि एम्बुलेन्स का किराया दर निर्धारित कर दिया गया है। एमसीएच विंग सहित सभी प्राइवेट पेड कोविड अस्पताल हेतु मजिस्ट्रेटों की तैनाती आवश्यक व्यवस्थाओं के दृष्टिगत की गयी है। इसके साथ ही उन्होने प्रबंधन से जुडे सभी प्रगति कार्यो एवं व्यवस्थाओं की एक-एक कर जानकारी दी।
मुख्यमंत्री के वर्चुअल समीक्षा में जिलाधिकारी के साथ मुख्य चिकित्साधिकारी डा आलोक पाण्डेय, आदि जुडे रहे।

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