*सोती सरकार अब जागी उससे पहले बहुतों की जिंदगी तबाह*

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*सोती सरकार अब जागी उससे पहले बहुतों की जिंदगी तबाह*

*जो पाबन्दी अब हटाई गई वह लगायी ही नही गई होती तो बहुतों की जिंदगी बच सकती थी*

*UP में अब डॉक्टर की पर्ची दिखाने पर ही मिलेगा ऑक्सीजन सिलेंडर, नई गाइडलाइन जारी*

गोरखपुर। प्रदेश सरकार बार-बार अपने गाइडलाइंस को बदलती आ रही है लोगों की जिंदगी जाति रह रही हैं अगर जो वर्तमान में गाइडलाइंस जारी किया गया है यही गाइडलाइंस शुरुआत में ही जारी की गई होती तो बहुतों की जिंदगी बच गई होती शुरुआत में प्रदेश सरकार ने सीएमओ से परमिशन लेकर भर्ती कराने का आदेश जारी किया फिर आपदा विभाग से कोरोना संक्रमित रोगियों के लिए अमृत का काम करने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए परमिशन लेना पड़ता था अब जाकर प्रदेश सरकार जागी है केवल पर्चा दिखाने पर ही रेमडेसिविर का इंजेक्शन उपलब्ध होगा यही आदेश पहले जारी किया गया होता तो बहुतों की जिंदगी बच गई होती कल गोरखपुर में आपदा कार्यालय पर बहुतों को आदेश जारी किया गया था लेकिन दवा की दुकान पर भारत मेडिकल स्टोर पर केवल 100 लोगों को ही दवा उपलब्ध कराई गई आज सुबह 5:00 बजे से ही आपदा कार्यालय पर 100 से अधिक लोग लाइन लगाकर खड़े रहे लेकिन 11 बजे तक आपदा कार्यालय नहीं खुला उसके पहले तमाम लोगों की जिंदगी इस रेमडेसिविर इंजेक्शन की वजह से चली गई उसके जिम्मेदार कौन होगा हम होंगे या प्रदेश सरकार जबाब देने वाला कोई नही मिलेगा सभी जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए थे ।अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है जो काबिले तारीफ है अब निजी तौर पर ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने पर रोक लगा दी है ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार ने ये नई गाइडलाइन जारी की है. इसमें कहा गया है कि बहुत गंभीर स्थिति को छोड़कर किसी को भी निजी तौर पर ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं की जाएगी यह सिर्फ संस्था को ही दी जाएगी गंभीर स्थिति में निजी तौर ऑक्सीजन देना भी पड़े तो संबंधित व्यक्ति से डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन और आधार कार्ड लेकर डिटेल नोट करना होगा इसके अलावा ऑक्सीजन रीफिलिंग सेंटर पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं.
बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर राजधानी लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश पर भारी पड़ रही है राज्य में अभी 2.42 लाख से ज्यादा ऐसे मरीज हैं, जिनका इलाज चल रहा है. बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड 33,106 संक्रमित मिले और 187 की मौत हुई इसके बाद मौत का आंकड़ा 10 हजार को पार कर गया है गोरखपुर जनपद में भी एक हजार का आंकड़ा प्रतिदिन पहुंच रहा है अब तक एक्टिव केसों की संख्या लगभग गोरखपुर जनपद में 7000 के आसपास है अस्पतालों में पूर्वांचल के मरीजों को मृतकों की संख्या कहीं ज्यादा है लेकिन अस्पताल उसे छुपाते हुए कम दिखा रहे हैं आज ही मेडिकल कॉलेज में सुबह 3:00 बजे से लिफ्ट खराब हो गया था लेकिन सुबह 10 बजे लिफ्ट बन सका था काफी मशक्कत के बाद इंजीनियरों ने लिफ्ट को बनाया 11 बजे तक 4 मरीज मृत निकाले जा चुके थे और निकालने की लाइन लगी हुई थी।

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