*हर स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र में सौ दिनों में उपलब्ध होगा शुद्ध पानी : योगी आदित्यनाथ* *मुख्यमंत्री ने किया 75696 सामुदायिक शौचालयों और पंचायत भवनों का लोकार्पण और शिलान्यास*

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*हर स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र में सौ दिनों में उपलब्ध होगा शुद्ध पानी : योगी आदित्यनाथ*

*मुख्यमंत्री ने किया 75696 सामुदायिक शौचालयों और पंचायत भवनों का लोकार्पण और शिलान्यास*

*इनके निर्माण में आएगी 7053.45 करोड़ रुपये की लागत*

*विंध्य क्षेत्र के लिए तैयार हो रही है पेयजल की कार्ययोजना, पीएम करेंगे शिलान्यास*

*आर्सेनिक और फ्लाेराइड प्रभावित जिलों, डार्क जोन वाले क्षेत्रों में पहुंचाएंगे शुद्ध पानी*

*लखनऊ, 19 अक्टूबर :* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि प्रदेश के हर नागरिक को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। बुंदेलखंड के लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए काम जारी है। विंध्य क्षेत्र के लिए हमारी कार्ययोजना तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हम शीघ्र ही इसके शिलान्यास का अाग्रह करेंगे। अगले चरण में प्रदेश के आर्सेनिक एवं फ्लोराइड से प्रभावित जिलों और डार्क जोन वाले क्षेत्रों में भी शुद्ध पानी मुहैया कराएंगे।

मुख्यमंत्री सोमवार को यहां अपने सरकारी आवास पर ग्राम स्वराज्य अभियान कार्यक्रम के तहत सामुदायिक शौचालयों और पंचायत भवनों के लोकार्पण कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। इस अभियान के तहत 75 हजार से अधिक सामुदायिक भवन और शौचालय बनने हैं। इनके निर्माण में 7053.45 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सामुदायिक शौचालय बहू-बेटियों की सुरक्षा और सफाई के लिहाज से मील का पत्थर साबित होंगे। सफाई का स्वास्थ्य के लिए क्या महत्व है, इसका सबूत पूर्वांचल में इंसेफेलाइिटस से हाेने वाली मासूमों के मौत के घटते आंकड़ हैं। बेहतर सफाई और इलाज की व्यवस्था से हमने इन मौतों को 95 फीसद तक घटा सके हैं। यही नहीं इनकी साफ-सफाई में करीब 59000 महिलाओं को गांव में रोजगार मिलेगा। यह महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन और सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा कदम हाेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक भवनों को हम मिनी ग्राम सचिवालय का स्वरूप देंगे। इनको आप्टिकल फाइबर और हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ेेेगे। गांव वालों को जाति, आय जैसे प्रमाणपत्र वहीं उपलब्ध होंगे। इसके लिए उनको तहसीलों का चक्कर नहीं लगाना होगा। हर पंचायत भवन में एक महिला बैंक सखी होगी। गांव के लोग उससे ही पैसे का लेन-देन कर सकेंगे। इस तरह यह भवन स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी जरिया बनेंगे। योगीजी ने कहा कि ग्राम स्वराज गांधीजी का सपना था। प्रधानमंत्री मोदी जी की अगुआई में गांव और किसान को केंद्र बनाकर शुरू की गयी योजनाओं से इस सपने का साकार करने का प्रयास जारी है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वाली महिलाओं से बातचीत करते हुए कहा कि आप सफाई के काम को आगे बढ़ाएं। इसके बाबत लोगों को भी प्रेरित करें। अगर लोगों ने सफाई को अपनी आदत का हिस्सा बना लिया तो इससे होने वाले अधिकांश रोग अपने आप खत्म हो जाएंगे। आप सभी लोगों की सोच बेहतर है। निश्चित ही इससे और लोग भी प्रेरणा लेंगे। आपके हर बेहतर काम में सरकार हर संभव मदद करेगी। इस दौरान जिन लोगों से मुख्यमंत्री ने बात की उनके नाम हैं-अलीगढ़ के अतरौली ब्लाक के गांव खेड़ा ग्राम पंचायत के दयानंद स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष नीरज कुमारी और सफाई काम काम देखने वाली पूनम देवी। गोरखपुर के पिपराइच ब्लाक के उनौला ग्राम पंचायत की प्रधान सुधा सिंह, ललितपुर के मड़वारा ब्लाक के ग्राम पंचायत बगोनी की प्रधान रुचिका बुंदेला, प्रयागराज के ब्लॉक होलागढ़ के ग्राम पंचायत के प्रधान सुमंत लाल तिवारी और मीरजापुर के ब्लाक सीखड़ के ग्राम पंचायत कथेरवा की प्रधान सपना सिंह।
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गांव-गरीब और किसानों के हित में उप्र ने रिकॉर्ड काम हुए: नरेंद्र सिंह तोमर

केंद्रीय पंचायती राज ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र ताेमर ने कहा कि गांवा हमारी अर्थव्यवस्था की नींव हैं। यह नींव मजबूत रहेगी तो बड़े से बड़े संकट से भी हम आसानी से पार पा सकेंगे। केंद्र सरकार गांव,गरीब और किसान को केंद्र में रखकर कई योजनाएं चला रही हैं। इनका सबका मकसद एक ही है कि गांवों को सशक्त और आत्म निर्भर बनाना। बजट के आवंटन में भी इस पर ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में इस क्षेत्र में रिकॉर्ड काम हुए हैं। चूंकि यूपी सर्वाधिक आबादी वाला प्रदेश है इसलिए यहां जो होने वाले काम का असर पूरे देश पर पड़ता है।
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गांवों में भी होगा कचारा प्रबंधन : शेखावत
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अगर ठान लें तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे साबित कर दिखाया है। सामूदायिक शौचालय या पंचायत भवन सिर्फ निर्माण कार्य नहीं हैं, यह लोगों के जीवन और व्यवहार बदलने का जरिया भी हैं। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण के जरिए हम सत्याग्रह की तरह से स्वच्छाग्रह की ओर बढ़ रहे हैं। अगले चरण में हम स्वच्छता के लिहाज से आदर्श गांव बनाएंगे। इस क्रम में गांवों में कचरा प्रबंधन का भी काम शुरु करेंगे।

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