*‍उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कई सीएचसी और पीएचसी में एंटीजन किट खत्म हो गया है। इससे सबसे बड़ा संकट घायल और बीमारों*

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: उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कई सीएचसी और पीएचसी में एंटीजन किट खत्म हो गया है। इससे सबसे बड़ा संकट घायल और बीमारों के इलाज पर पड़ रहा है। कोरोना जांच न हो पाने से यह अस्पताल सिर्फ रेफरल बन गए हैं। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। वहीं कोरोना को लेकर आरटीपीसीआर जांच चल रही है। इसकी रिपोर्ट आने में वक्त लगता है लिहाजा इलाज में दिक्कत आ रही है।
बुधवार को ब्रम्हपुर पीएचसी में इसी तरह का एक मामला आया। मारपीट में घायल युवती का इस वजह से इलाज नहीं हो पाया क्योंकि यहां कोरोना जांच के लिए एंटीजन किट नहीं था। बिना करोना जांच डॉक्टर ने मरीजा को देखा ही नहीं और सीएचसी प्रभारी ने युवती को रेफर कर दिया। युवती के सिर में चोट आई थी और मेडिकल जांच के बाद ही एफआईआर लिखी जानी थी। युवती को लेकर सिपाही खोराबार पीएचसी पहुंचा वहां तीन घंटे बाद एंटीजन किट की कहीं से व्यवस्था हुई तब युवती की कोरोना जांच हुई जांच एंटीजन जांच में निगेटिव होने पर डॉक्टर ने उसे चेक किया और दवा दी। युवती को पूरी तीन घंटे एंटीजन किट न होने की वजह से दवा के अभाव में तड़पना पड़ा था। गुरुवार को जब इस मामले की हिन्दुस्तान ने जांच कराई तो पता चला के ज्यादातर जगहों पर एंटीजन किट नहीं है।

कुछ जगह है भी तो काफी कम। डॉक्टर उसका जल्दी इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। सरदारनगर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि एंटीजन किट काफी कम मात्रा में है, बहुत जरूर होने पर ही इस्तेमाल किया जा रहा है। काफी पहले 400 किट मिला था अब बमुश्किल 50-60 ही बचा है। यही हाल सीएचसी चौरीचौरा का भी है। खोराबार पीएचसी के भारी डा. रजेश कुमार ने बताया कि उनके यहां एंटीजन किट नहीं है, घायलों और बीमारों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। पिपराइच सीएचसी प्रभारी ने बताया कि एंटीजन किट और आरटीपीसीआर दोनों है पर एंटीजन किट
पीएचसी-सीएचसी पर एंटीजन किट की किल्‍लत, इमरजेंसी में इलाज का संकट रिपोर्ट कौशिक वर्मा संवाददाता गोरखपुर

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