*[17/06, 09:28] J P Jaiswal: रेनकट व रैटहोल खोल रहे सिंचाई विभाग की पोल,*

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[17/06, 09:28] J P Jaiswal: रेनकट व रैटहोल खोल रहे सिंचाई विभाग की पोल,
सिंचाई विभाग के जेई की खानापूर्ति से मझारवासियों में रोष व्याप्त
*रिपोर्ट एंटी करप्शन मीडिया न्यूज़ संवादाता मंडल गोरखपुर*
महराजगंज पुरंदरपुर थाना क्षेत्र में 72 घंटे से अधिक समय से हो रही भारी बारिश ने सिंचाई विभाग की पोल खोल दी है। मझार क्षेत्र में तो बाढ़ बचाव का बुरा हाल है। तटबंध पर जगह-जगह रेन कट व रैट होल विभाग बांध अनुरक्षण दावे की पोल खोल रहे हैं। मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये तो खर्च कर दिए गए लेकिन नतीजा शून्य हैं। रेन कट और रैट होल देख रोहिन नदी के समीपवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। कई जगहों पर बांध की हालत ऐसी है। कि पानी के दबाव के साथ ही वह बह जाएगा। लेकिन अभी तक अधिकारियों ने बंधे का रुख ही नहीं किया।नौतनवा तहसील क्षेत्र का मझार इलाका लष्मीपुर विकास खंड हर साल रोहिन नदी की भयंकर बाढ़ से तबाही झेलता है। हर साल बाढ़ आती है और दर्जनों गांवों को वीरान कर जाती है। यही स्थिति कटान की भी रहती है जब रोहिन नदी का जलस्तर कम होने लगता है तो कटान अपने साथ यहां के किसानों की सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य जमीनों को निगल लेती है। हर साल बरसात के मौसम में आने वाली इस तबाही से निपटने के लिए शासन स्तर पर व्यापक इंतजाम किए जाते हैं लेकिन मजबूत निगरानी तंत्र के अभाव में सारे इंतजाम सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह जाते हैं। बरसात के पूर्व ही बांध की मरम्मत व ठोकरों के निर्माण को लेकर शासन द्वारा करोड़ों रूपए निर्गत किए जाते हैं लेकिन बाढ़ खंड के अधिकारियों के खेल के चलते मरम्मत कार्य सिर्फ कागजों में ही रह जाता है। मझार क्षेत्र के अमहवां, करीमदादपुर, सेमरहवां, सोनराडीह, कुडिहवां, दनदनहवां, कुडिया, विसऊआ, रजापुर, अराजीसुबाइन, खालिकगढ़ का बीरबल टोला, मठिया ईदू गांवों को डर सताने लगा है। रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ा तो मुश्किल बढ़ जाएगी। मझार क्षेत्र के बांध सोनराडीह, कुडिया, कुडिहवां, सेमरहवां, अराजीसुबाइन, अमहवां, बसहवां जगह-जगह कटान झेल रहे हैं। रेन कट, रैट होल ने रही सही कसर पूरी कर दी है। अगर बारिश का यही हाल रहा और नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा तो बाढ़ से बचना आसान नहीं होगा। अभी रोहिन नदी का जलस्तर सम्मान है। अगर नेपाल में बारिश का यही हाल रहा तो पानी उफान पर आएगा। जलस्तर बढ़ते ही मुश्किलें भी बढनी शुरू हो जाएंगी। प्रशासन ने सभी बंधों की मरम्मत अप्रैल में ही पूरी करने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक मझार के बंधों पर सिर्फ खानापूर्ति हुआ। आपको बताते चलें कि सोनराडीह कुड़िया के बीच नव निर्मित बांध में रेनकट एवं लगाएं गए पत्थर धस गया और पत्थर अपने स्थान से नीचे की ओर खिसक जाने से सोनराडिह वासियों में भय व्याप्त है। वही रजापुर, विसऊआ, में रेन कट होने से रजापुर, मठिया ईदू के लोगों में चिंता सताने लगी। स्थानीय मझारवासी ग्राम प्रधान मठिया ईदू अजय यादव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रजापुर अजय कुमार, उमेश साहनी, ने क्षतिग्रस्त बंधे की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग काम समय से पूरा कर ले तो हम बर्बाद होने से बच जाएंगे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई वसीम खाँ का कहना है। कि यह मेरी जिम्मेदारी है, बारिश खत्म होते ही रेन कट व रैट होल को भराया जाएगा। मजदूर की कमी से वजह से स्थानीय लोगों को मजदूरी देकर काम किया जाएगा।

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