*Karnataka Politics: बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ कर्नाटक के मंत्री ईश्वरप्पा का पत्र, बीजेपी में मचा घमासान बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की सरकार के अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं। राज्य में ‘सेक्स सीडी कांड’ चर्चा में है, वहीं अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने ‘ऑपरेशन कमल’ मामले की जांच को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कर्नाटक सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता केएस ईश्वरप्पा ने बीएस येदियरप्पा के खिलाफ बगावती बिगुल फूंका है और केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखा है। इस पत्र के बाद अब राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल होने लगी है। कर्नाटक के ग्रामीण विकास मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने राज्यपाल वजुभाई वाला को सीएम बीएस येदियुरप्पा की ओर से हस्तक्षेप करने और सत्तावादी प्रशासन का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। इसके साथ ही उन्होंने पत्र की एक कॉपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजी है। ‘मैं विद्रोही नहीं हूं’ 31 मार्च को राज्यपाल को लिखे गए पत्र में ईश्वरप्पा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा विभागों के मंत्रियों के काम में हस्तक्षेप कर रहे हैं जो 1977 के नियमों का उलंघन है। उन्होंने कहा, ‘मैं विद्रोही नहीं हूं, बल्कि मैं हमेशा से वफादार रहा हूं और अपनी पार्टी के खिलाफ कभी भी बगावत नहीं करूंगा।’ बीजेपी के मंत्री ने सीएम पर लगाया है यह आरोप मंत्री ने आरोप लगाया, ‘मेरी जानकारी के बिना, बेंगलुरु शहरी जिला पंचायत के लिए 65 करोड़ रुपये मंजूर किए गए, जिसके हेड येदियुरप्पा के रिश्तेदार जी मारीस्वामी हैं। विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी गई। बेंगलुरु शहरी जिला पंचायत को पहले ही उस रोड के लिए 1.17 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके थे। इसके अलावा, पहली किश्त में 774 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त में 460 करोड़ रुपये जारी किए गए। कुल मिलाकर 1,299 करोड़ रुपये जारी किए गए, जो कामकाज संबंधित लेन-देन नियमों का उल्लंघन है।’ ‘मंत्री पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई’ ईश्वरप्पा के इस कार्य को लेकर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व खफा है। उनका कहना है कि इस तरह से राज्यपाल को पत्र नहीं लिखा जाना चाहिए था और न ही सार्वजनिक किया जाना चाहिए था। बीजेपी के महासचिव अरूण सिंह ने इस मामले में कहा कि वह उचित मंच नहीं था। अगर एक मंत्री को कोई समस्या है तो उन्हें मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए। राज्यपाल को पत्र लिखना सही रास्ता नहीं है। ‘ईश्वरप्पा ने किया गलत’ बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईश्वरप्पा ने जो किया वह अनुशासनहीता है। यह उनके खिलाफ हो सकता है और पार्टी इस पर सख्त कार्रवाई करेगी। कर्नाटक बीजेपी के एक नेता ने कहा कि इस तरह से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरेगा। ईश्वरप्पा ने प्रदेश स्तर पर मुद्दा उठाए बिना सीधे पीएम और पार्टी चीफ को पत्र भेजा। यह गलत है। बीजेपी विधायक को नोटिस कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद नलीन कुमार कतील ने कहा कि इस मामले को लेकर की गई शिकायत का समाधान दो दिन में हो जाएगा। इसकी चर्चा ईश्वरप्पा से की जाएगी। वहीं बीजेपी विधायक बसनगौडा पाटिल यतनल को एक नोटिस जारी कर मुख्यमंत्री पर उनकी आलोचनात्मक टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।*

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Karnataka Politics: बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ कर्नाटक के मंत्री ईश्वरप्पा का पत्र, बीजेपी में मचा घमासान

बेंगलुरु
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की सरकार के अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं। राज्य में ‘सेक्स सीडी कांड’ चर्चा में है, वहीं अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने ‘ऑपरेशन कमल’ मामले की जांच को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कर्नाटक सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता केएस ईश्वरप्पा ने बीएस येदियरप्पा के खिलाफ बगावती बिगुल फूंका है और केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखा है। इस पत्र के बाद अब राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल होने लगी है।

कर्नाटक के ग्रामीण विकास मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने राज्यपाल वजुभाई वाला को सीएम बीएस येदियुरप्पा की ओर से हस्तक्षेप करने और सत्तावादी प्रशासन का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। इसके साथ ही उन्होंने पत्र की एक कॉपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजी है।

‘मैं विद्रोही नहीं हूं’
31 मार्च को राज्यपाल को लिखे गए पत्र में ईश्वरप्पा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा विभागों के मंत्रियों के काम में हस्तक्षेप कर रहे हैं जो 1977 के नियमों का उलंघन है। उन्होंने कहा, ‘मैं विद्रोही नहीं हूं, बल्कि मैं हमेशा से वफादार रहा हूं और अपनी पार्टी के खिलाफ कभी भी बगावत नहीं करूंगा।’

बीजेपी के मंत्री ने सीएम पर लगाया है यह आरोप
मंत्री ने आरोप लगाया, ‘मेरी जानकारी के बिना, बेंगलुरु शहरी जिला पंचायत के लिए 65 करोड़ रुपये मंजूर किए गए, जिसके हेड येदियुरप्पा के रिश्तेदार जी मारीस्वामी हैं। विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी गई। बेंगलुरु शहरी जिला पंचायत को पहले ही उस रोड के लिए 1.17 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके थे। इसके अलावा, पहली किश्त में 774 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त में 460 करोड़ रुपये जारी किए गए। कुल मिलाकर 1,299 करोड़ रुपये जारी किए गए, जो कामकाज संबंधित लेन-देन नियमों का उल्लंघन है।’

‘मंत्री पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई’
ईश्वरप्पा के इस कार्य को लेकर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व खफा है। उनका कहना है कि इस तरह से राज्यपाल को पत्र नहीं लिखा जाना चाहिए था और न ही सार्वजनिक किया जाना चाहिए था। बीजेपी के महासचिव अरूण सिंह ने इस मामले में कहा कि वह उचित मंच नहीं था। अगर एक मंत्री को कोई समस्या है तो उन्हें मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए। राज्यपाल को पत्र लिखना सही रास्ता नहीं है।

‘ईश्वरप्पा ने किया गलत’
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईश्वरप्पा ने जो किया वह अनुशासनहीता है। यह उनके खिलाफ हो सकता है और पार्टी इस पर सख्त कार्रवाई करेगी। कर्नाटक बीजेपी के एक नेता ने कहा कि इस तरह से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरेगा। ईश्वरप्पा ने प्रदेश स्तर पर मुद्दा उठाए बिना सीधे पीएम और पार्टी चीफ को पत्र भेजा। यह गलत है।

बीजेपी विधायक को नोटिस
कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद नलीन कुमार कतील ने कहा कि इस मामले को लेकर की गई शिकायत का समाधान दो दिन में हो जाएगा। इसकी चर्चा ईश्वरप्पा से की जाएगी। वहीं बीजेपी विधायक बसनगौडा पाटिल यतनल को एक नोटिस जारी कर मुख्यमंत्री पर उनकी आलोचनात्मक टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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