जब ऐसे ही लापरवाह रहेगे जिम्मेदार तो कैसे होगा डिजिटल इंडिया का सपना साकार  , रिपोर्ट – भारत भूषण श्रीवास्तव

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 जब ऐसे ही लापरवाह रहेगे जिम्मेदार तो कैसे होगा डिजिटल इंडिया का सपना साकार

देवरिया -: एक तरफ जहा केंद्र सरकार के द्वारा देश के हर गावो को डिजिटल इंडिया से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है वही लापरवाह कर्मचारीयो की तैनाती के वजह से सभी मंसूबो पर पानी फिर रहा है | जिसका उदाहरण देवरिया में देखने को मिल रहा है जहा हर गाव में डिजिटल इंडिया के तहत सीएससी सेंटरों की स्थापना की गयी है जिससे ग्रामीणों को ब्लाक तहसील व जिले का चक्कर न लगाना पड़े और एक निश्चित शुल्क जमा के ग्रामीण कामन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओ का लाभ ले सके | जिसकी निगरानी व मदद हेतु जिला स्तर पर एक ऑफिस भी बनाया गया है वही डिस्ट्रिक मैनेजर से लेकर नोडल आफिसर तक बनाये गये है लेकिन ये लोग कंपनी और सरकार के मंसूबो पर पानी फेर रहे है इन्हें तो बस हाजिरी लगाने व पेमेंट लेने अपने चहेतों व बिरादरी से मतलब है | इसी क्रम में देवरिया जिले के भाटपार रानी तहसील के सिरसिया बाबु के एक वीएलई का एक मामला सामने आया है जिन्होंने बैंक मित्र की आईडी अप्रुव करने के लिए पिछले आठ महीने से डिस्ट्रिक मैनेजर अवधेश मौर्या के पीछे अपनी आधार कार्ड व पैन कार्ड देकर लगे रहे लेकिन अभी तक अप्रूव नही हुवा और उनसे बाद में आये लोगो का एक फ़ोन पर हो गया | विलई ने जब भी संपर्क करने की कोशिश की तो उनका फ़ोन नहीं उठाया गया हर बार मीटिंग में होने का मैसेज डाला गया हद तो तब हो गयी जब एकबार खुद विलई ने ऑफिस पर पहुच कर फ़ोन किया और इस बार भी वही मैसेज आया और अन्दर जाकर देखा तो सब लोग बैठकर मस्ती कर रहे थे | उस समय यह कहकर की आज हो जायेगा ओरिजनल आधार और पैन कार्ड जमा कर लिया गया वावजूद इसके आठ महीने बाद भी अप्रूव नही किया गया और आठ महीने बाद आईडी यह कहकर दे दी गयी की पाच मिनट में हो जायेगा लेकिन उसके भीं एक हफ्ते बीत जाने पर भी न तो कोई कारण बताया गया और न ही अप्रूव किया गया | जब संचालक द्वारा संपर्क करने की कोशिश की गयी तो फिर जो पिछले आठ महीनो में पचासों फ़ोन कॉल का जवाब था वही मिला मै मीटिंग में हु | ऐसे में सवाल उठाना लाजमी है की ये लोग सरकार और कम्पनी के मंसूबो पर पानी क्यों फेर रहे है |जिसकी जानकारी ब्रांच पर कार्यरत ऋषिकेश को भी कई बार दी गयी उन्होंने भी पाच मिनट का समय लेकर आठ महीने लगा दिए ऐसे लोगो पर आखिर नोडल अधिकारियो की नजर क्यों नही है ?

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