*गृहे गृहे गायत्री यज्ञ ————-महराजगंज, जगत कल्याण के लिए 26/05/2021दिन बुद्धवार प्रातः 8 बजे 11के मध्य वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के निवारणार्थ एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु* अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में सत्वप्रवृत संवर्द्धन एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु गृहे गृहे गायत्री यज्ञ का कार्यक्रम दि.26मई2021(बुद्ध पूर्णिमा)को प्रातः8बजे से11बजे के बीच लाखो घरो में एक साथ सम्पन्न होगा।इस विपरीत परिस्थिति में हम सबको संयम का परिचय देते हुए इस महामारी का डटकर मुकाबला करना है।अपने खानपान जीवनशैली को व्यवस्थित करे।अपनी साधना को बढ़ावे,कम से कम 1माला जाप गायत्रीमंत्र का एवं 1माला महामृत्युंजय मंत्र का अवश्य करें तथा दैनिक जीवन मे हवन अग्निहोत्र का क्रम अपनाते रहे।इस हवन को करते समय पहले गायत्रीमंत्र से पवित्रीकरण, चन्दनधारनम ,धरती माता एवं देव शक्तिओ का पूजन,हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित करें तब हवन कुंड में 24बार गायत्रीमंत्र से आहुति करे,5आहुति महामृत्युंजय मंत्र से,5या3बार आहुति सूर्य गायत्रीमंत्र से करना है।उसके बाद गायत्री मंत्र से पर्णाहूती का भाव करके 1आहुति करे,अंत मे 1लोटा जल सूर्य को अर्पित करना है।इस कार्यक्रम को महामारी से निजात पाने हेतु जगतकल्याणार्थ रखा गया है।

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गृहे गृहे गायत्री यज्ञ ————-महराजगंज, जगत कल्याण के लिए 26/05/2021दिन बुद्धवार प्रातः 8 बजे 11के मध्य वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के निवारणार्थ एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में सत्वप्रवृत संवर्द्धन एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु गृहे गृहे गायत्री यज्ञ का कार्यक्रम दि.26मई2021(बुद्ध पूर्णिमा)को प्रातः8बजे से11बजे के बीच लाखो घरो में एक साथ सम्पन्न होगा।इस विपरीत परिस्थिति में हम सबको संयम का परिचय देते हुए इस महामारी का डटकर मुकाबला करना है।अपने खानपान जीवनशैली को व्यवस्थित करे।अपनी साधना को बढ़ावे,कम से कम 1माला जाप गायत्रीमंत्र का एवं 1माला महामृत्युंजय मंत्र का अवश्य करें तथा दैनिक जीवन मे हवन अग्निहोत्र का क्रम अपनाते रहे।इस हवन को करते समय पहले गायत्रीमंत्र से पवित्रीकरण, चन्दनधारनम ,धरती माता एवं देव शक्तिओ का पूजन,हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित करें तब हवन कुंड में 24बार गायत्रीमंत्र से आहुति करे,5आहुति महामृत्युंजय मंत्र से,5या3बार आहुति सूर्य गायत्रीमंत्र से करना है।उसके बाद गायत्री मंत्र से पर्णाहूती का भाव करके 1आहुति करे,अंत मे 1लोटा जल सूर्य को अर्पित करना है।इस कार्यक्रम को महामारी से निजात पाने हेतु जगतकल्याणार्थ रखा गया है।

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