*ग्रेटर नोएडा में जल अदालतें लगेंगी, विकास प्राधिकरण पैसे वसूलना चाहता है, लोगों की शिकायत- पानी अच्छा नहीं मिल रहा -*

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*ग्रेटर नोएडा में जल अदालतें लगेंगी, विकास प्राधिकरण पैसे वसूलना चाहता है, लोगों की शिकायत- पानी अच्छा नहीं मिल रहा -*

 

ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने शनिवार को कहा कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र में ‘जल अदालतें’ लगाएगा। इन अदालतों में शहर के निवासी पानी के बिलों से संबंधित अपनी शिकायतों को हल करने के लिए आ सकते हैं। निवासियों द्वारा शिकायत दर्ज किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। लोगों का कहना है कि उनके पानी के बिल से संबंधी मुद्दों का समाधान नहीं किया जा रहा था। दरअसल, विकास प्राधिकरण अपने करोड़ों रुपये की बकायादारी वसूलना चाहता है। दूसरी ओर शहर के लोगों का कहना है कि प्राधिकरण न तो पर्याप्त पानी की आपूर्ति कर रहा है और न ही पानी की गुणवत्ता अच्छी है।

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नरेंद्र भूषण ने कहा, “हमने अधिकारियों की एक टीम को प्रत्येक सेक्टर में भेजने का फैसला किया है। ताकि निवासियों की शिकायतों का समाधान किया जा सके। मकसद यह है कि निवासियों को अपने पानी के बिल के मुद्दों को हल करने के लिए प्राधिकरण का दौरा करने की आवश्यकता नहीं पड़े।” नरेंद्र भूषण ने प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ दीप चन्द्र और जल विभाग के कर्मचारियों को हर हफ्ते एक सेक्टर का दौरा करने और जल अदालत लगाने का आदेश दिया है। जहां निवासी अपने मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं और हल करवा सकते हैं।”

अधिकारियों की टीम साप्ताहिक आधार पर एक सेक्टर का चयन करेगी और सुबह 10 बजे से 12 बजे तक ‘जल अदालत’ में मौजूद रहेगी। सेक्टर नॉलेज पार्क-4 में स्थित प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्यालय के भूतल हॉल में भी ‘जल अदालत’ का आयोजन किया जा सकता है। इस बीच ग्रेटर नोएडा शहर के निवासियों ने कहा कि अतिरिक्त पानी के बिल के मुद्दे के अलावा प्राधिकरण ने घरों में गुणवत्ता वाला पानी पहुंचाए बिना बिल जारी किए हैं।

निवासियों ने कहा, प्राधिकरण मैले पानी की आपूर्ति कर रहा है। पाइपलाइनों में रिसाव है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्राधिकरण कर्मचारी समय पर शिकायतों का समाधान नहीं करते हैं। Active Citizen Team (एसीटी) के संस्थापक सदस्य और सेक्टर बीटा-1 के निवासी हरेंद्र भाटी ने कहा, “जब तक अच्छी गुणवत्ता वाले पानी की आपूर्ति शुरू नहीं करते हैं, तब तक प्राधिकरण को जल शुल्क एकत्र करने का कोई अधिकार नहीं है।”

आधिकारिक अनुमान के अनुसार वर्तमान में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को लगभग 12 लाख की आबादी के लिए रोजाना 210 मिलियन लीटर (MLD) पानी की आवश्यकता होती है। एक्टिव सिटीजन टीम के दूसरे सदस्य आलोक सिंह ने कहा, “पानी का दबाव हमारे क्षेत्र में अनिश्चित बना हुआ है। शहर के निवासी लंबे समय से पीड़ित हैं। हमें उम्मीद है कि प्राधिकरण इस मुद्दे पर ध्यान देगा।”

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