*प्रकाश जावड़ेकर ने नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में प्रदूषण पर नजर रखने के लिए 50 टीम भेजीं, जानिए क्या करेंगी -*

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*ग्रेटर नोएडा -*
ग्रेटर नोएडा थाना beta-2 क्षेत्र में एक शातिर अपराधी से पुलिस की मुठभेड़ चुहरपुर अंडरपास के पास हुई है बदमाश के पैर में गोली लगी है चोरी की मोटरसाइकिल तमंचा कारतूस बरामद हुआ है उपचार के लिए हॉस्पिटल भेजा गया है बदमाश ने अपना नाम राजकुमार उर्फ भोला बताया है या बुलंदशहर का रहने वाला है इस पर पहले से ही ढेर सारे अपराधिक मामले दर्ज हैं थाना 39 जनपद गाजियाबाद जनपद बुलंदशहर के और यह कल beta-2 थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर चोरी के मामले में वांटेड भी था इसके 3 साथी आज ट्रैक्टर के साथ पकड़े गए थे और उन्हें जेल भेजा गया *प्रकाश जावड़ेकर ने नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में प्रदूषण पर नजर रखने के लिए 50 टीम भेजीं, जानिए क्या करेंगी -*

 

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली-एनसीआर में नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में सर्वाधिक प्रदूषित स्थलों पर नजर रखने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की 50 टीमों को बृहस्पतिवार को तैनात किया है। ये सारी टीम सर्दियों के मौसम में पूरे समय निगरानी करेंगी। प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगी। जावड़ेकर ने पंजाब सरकार से पराली जलाने पर रोक लगाने की अपील की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पराली जलाना दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण नहीं है।

उन्होंने यहां अपने आवास में संवाददाताओं से कहा, ”केवल चार प्रतिशत प्रदूषण पराली जलाने के कारण है। इसके अलावा 96 प्रतिशत प्रदूषण बायोमास जलाने, कचरा फेंकने, कच्ची सड़कों, धूल, निर्माण और तोड़-फोड़ संबंधियों गतिविधियों इत्यादि के कारण है। जावड़ेकर ने कहा कि हाल में जब वह लुधियाना के दौरे पर गए थे, तो पराली जलाने के कारण उठ रहे धुंए से उनका दम घुटने लगा था।

उन्होंने कहा, ”मैं पंजाब सरकार से अपील करता हूं कि वह कार्रवाई करे और पराली जलाए जाने पर रोक लगाए। मैं पिछले साल लुधियाना में एक कार्यक्रम में गया था। वहां से लौटते समय पराली जलाए जाने के कारण मेरा दम घुटने लगा था, जबकि मैं वातानुकूलित कार में था। यह वहां रह रहे लोगों समेत हरेक के लिए हानिकारक है। पंजाब सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि इस बार पराली जलाने के मामले कम हों।” उन्होंने सीपीसीबी दलों के नोडल अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ”आप आगामी दो महीने के लिए काम करेंगे और सभी गतिविधियों एवं शिकायतों का संज्ञान लेंगे। आप निरीक्षण करेंगे। आपके पास रिपोर्ट दायर करने का अधिकार होगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जावड़ेकर ने कहा, ”जिस प्रकार कोरोना वायरस योद्धाओं की प्रशंसा की जाती है, आप (सीपीसीबी अधिकारी) सभी योद्धा भी प्रदूषण से लड़ रहे हैं और हम आपकी बहुत सराहना करते हैं। हम दो महीने बाद मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि एक ओर जहां पराली जलाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर आम लोग, ”यहां तक कि कर्मचारी भी कचरा जला रहे हैं। उन्होंने कहा, ”हमें उन पर भी नजर रखनी होगी।” जावड़ेकर ने लोगों से निकट स्थानों पर जाने के लिए साइकिलों का इस्तेमाल करने की अपील की।

सीपीसीबी के 50 दल 15 अक्टूबर से अगले साल 28 फरवरी तक दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषित स्थलों पर नजर रखेंगे। वे दिल्ली, उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ, हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, झज्जर, पानीपत और सोनीपत तथा राजस्थान के भिवंडी, अलवर और भरतपुर जाएंगे।

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