मेट्रोपोलिटन होने से यूपी के इन शहरों में तेज होगी विकास की रफ्तार, गोरखपुर के लिए सीएम योगी का ये है प्‍लान

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गोरखपुर को मेट्रोपोलिटन सिटी का दर्जा मिलने से शहर के विकास को पंख लगेंगे। वैसे तो मेट्रोपोलिटन सिटी के लिए 40 लाख की आबादी की अर्हता होती है, लेकिन सरकार ने साल के शुरुआत में प्रदेश की राजधानी लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर को मेट्रोपोलिटन सिटी घोषित करने का प्रस्ताव किया था। इससे इस बिंदु पर राहत मिलने की उम्मीद है।
गोरखपुर केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में दौड़ में भले ही बाहर हो गया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर यूपी की स्मार्ट सिटी योजना में गोरखपुर का चयन हुआ है। इसके लिए गोरखपुर को 50 करोड़ रुपये विकास के लिए मिले भी हैं। इस धन से सड़क, बिजली आदि के काम हो रहे हैं। बिल्डर ज्ञान त्रिपाठी कहते हैं कि ‘गोरखपुर नेपाल और बिहार का सीमावर्ती जिला होने के साथ ही लखनऊ के बाद सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है। शहर को मेट्रोपोलिटन सिटी का दर्जा मिलता है तो प्रदेश ही नहीं केन्द्र से भी कई सहूलियतें मिलने लगेगींमेट्रोपोलिटन सिटी के लिए 40 लाख की शहरी आबादी की अर्हता है। देश में छह मेट्रोपोलिटन सिटी हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता और चेन्नई शामिल हैं। प्रदेश सरकारें समय-समय पर मेट्रोपोलिटन सिटी को लेकर प्रस्ताव पारित करती रही हैं। वर्ष 2006 में तत्कालीन मुलायम सिंह यादव की सरकार ने लखनऊ, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी को मेट्रोपोलिटन सिटी का लाभ देने का प्रस्ताव तैयार किया था। योगी सरकार ने गोरखपुर से पहले प्रदेश की राजधानी लखनऊ और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) का प्रस्ताव मंजूर कर केंद्र सरकार को भेजा है। अब इस लिस्‍ट में गोरखपुर के शामिल होने से यह शहर विकास के ट्रैक पर सुपरफास्ट की रफ्तार से दौड़ेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने का प्रस्ताव किया है। गोरखपुर को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव की सभी अर्हता गोरखपुर पूरी करता है। 46 गांव शामिल होने के बाद शहरी आबादी 15 लाख से अधिक हो जाएगी। नेपाल और बिहार का सीमावर्ती जिला होने के साथ ही पर्यटन के लिहाज से भी गोरखपुर अहम है।
सीताराम जायसवाल, महापौर, गोरखपुर
मेट्रोपोलिटन सिटी होने के कई लाभ गोरखपुर को मिलेंगे। प्रदेश ही नहीं केन्द्रीय योजनाओं का भी लाभ गोरखपुर को मिलेगा। लखनऊ के बाद गोरखपुर सर्वाधित तेजी से बढ़ने वाला शहर है। यहां तमाम मल्टीनेशनल कंपनियां आने को बेताब हैं। एयर, रोड और रेल कनेक्टिविटी होने का लाभ गोरखपुर को मिल रहा है। गोरखपुर में फोरलेन का संजाल बिछ रहा है। जंगल कौड़िया से जगदीशपुर फोरलेन बनने से गोरखपुर रिंग रोड का काम पूरा हो जाएगा। शहरी विकास के लिए यह अहम कदम होगा।

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