सलेक्शन और इलेक्शन का फर्क बताये कौन, रिपोर्ट – कैलाश सिंह

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महराजगंज- : आज विश्व महामारी के संकट से जूझ रहा है,देश का प्रत्येक नागरिक अपनी जान बचाने की सुरक्षा में लगा हुआ है,तो दुसरी तरफ कर्मचारी आपके हड़ताल का बिगुल बजा रहे है।कुर्सी पर बैठे कर्मचारी अपनी गरिमा को किंकर्तव्य विमूढ़ बन गए है।आज सोचा जाय तो पता चलता है कि यदि मात्र दो विभाग(पुलिस,स्वास्थ्य)इसी तरह हड़ताल पर बैठ जाय तो देश का भविष्य कैसा होगा।आज कोविड19 के कहर का नाम सुन कर कर्मचारी छुट्टी लेकर गला छुड़ा लेता ,यदि स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग आपके कर्तव्यों को भूल जाय तो देश की जिंदगी अधर में लटक जाएगी।आज देश को बचाने के लिए पुलिस महराजगंज,आज विश्व महामारी के संकट से जूझ रहा है,देश का प्रत्येक नागरिक अपनी जान बचाने की सुरक्षा में लगा हुआ है,तो दुसरी तरफ कर्मचारी आपके हड़ताल का बिगुल बजा रहे है।कुर्सी पर बैठे कर्मचारी अपनी गरिमा को किंकर्तव्य विमूढ़ बन गए है।आज सोचा जाय तो पता चलता है कि यदि मात्र दो विभाग(पुलिस,स्वास्थ्य)इसी तरह हड़ताल पर बैठ जाय तो देश का भविष्य कैसा होगा।आज कोविड19 के कहर का नाम सुन कर कर्मचारी छुट्टी लेकर गला छुड़ा लेता ,यदि स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग आपके कर्तव्यों को भूल जाय तो देश की जिंदगी अधर में लटक जाएगी।आज देश को बचाने के लिए पुलिस व स्वास्थ्य विभाग अपनी जान की परवाह न करके देश को सुरक्षित बनाने में लगा हुआ है ।आज दाम पूरा काम अधूरा(बिजली विभाग)विभाग हड़ताल पर बैठे है।भारत का नकारात्क विभाग देखा जाय तो विधुत विभाग ही है क्योंकि काम 5 घण्टे का और कीमत 24घण्टे की लेती है ।आखिर किसान इनकी कमजोरी किससे कहे पी एम से सी एम तक कोई सुनने वाला नही है।अपनी सरकार में अपने ही विभाग बन जाते है हड़ताली नेता ।यह किसकी कमजोरी समझी जाय, प्रशासन या शासन की, जहाँ की शासन सत्ता कमजोर होती है तो देश गुलाम बन जाता है।व स्वास्थ्य विभाग अपनी जान की परवाह न करके देश को सुरक्षित बनाने में लगा हुआ है ।आज दाम पूरा काम अधूरा(बिजली विभाग)विभाग हड़ताल पर बैठे है।भारत का नकारात्क विभाग देखा जाय तो विधुत विभाग ही है क्योंकि काम 5 घण्टे का और कीमत 24घण्टे की लेती है ।आखिर किसान इनकी कमजोरी किससे कहे पी एम से सी एम तक कोई सुनने वाला नही है।अपनी सरकार में अपने ही विभाग बन जाते है हड़ताली नेता ।यह किसकी कमजोरी समझी जाय, प्रशासन या शासन की, जहाँ की शासन सत्ता कमजोर होती है तो देश गुलाम बन जाता है।

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